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Aksharo Ke Saye [Shadows of Letters]

البم

Aksharo Ke Saye [Shadows of Letters]

अमृता प्रीतम की आत्मकथा एक अंतर्यात्रा - अक्षर जो कागजों पर उतरते रहे वे सबके सामने है- इसलिए मुझे और कुछ नहीं कहना पड़ता है। मैं सारी ज़िंदगी जो लिखती रही, सोचती रही, वह सब देवताओं को जगाने का प्रयत्न था, उन देवताओं को जो इंसान के भीतर सो रहें हैं।Please note: This audiobook is in Hindi.Read more

ٹریکس: 10 · 5,232 پلے

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