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क्रोध उसी को आता है... जो एक बड़ी सच्चाई नहीं जानता! | Aniruddhacharya Ji

क्रोध उसी को आता है... जो एक बड़ी सच्चाई नहीं जानता! | Aniruddhacharya Ji

9:18 · 174 diputar

Dari album Aniruddhacharya ji

Deskripsi

क्रोध उसी को आता है... जो एक बड़ी सच्चाई नहीं जानता! | Aniruddhacharya Ji क्रोध तब उत्पन्न होता है जब हमारी इच्छा के अनुसार बातें नहीं होतीं। क्रोध सबसे पहले उसी व्यक्ति को नुकसान पहुँचाता है जिसके भीतर वह पैदा होता है। धैर्य, समझ और आत्मचिंतन से क्रोध को नियंत्रित किया जा सकता है। जो व्यक्ति क्रोध पर विजय पा लेता है, वह अपने जीवन की अनेक समस्याओं पर भी विजय प्राप्त कर लेता है। #Krodh #AngerManagement #Spirituality #AniruddhacharyaJi #Motivation #LifeLessons #Bhakti #SanatanDharma #Wisdom #SelfControl #shrianiruddhacharyajimaharaj #aniruddhacharyajilive #vrindavan #bhajan Secondry Facebook - https://www.facebook.com/share/18LGsChHQe/ एक ही संकल्प, एक ही नारा । सेवा ही है, धर्म हमारा।। - श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज सनातन धर्म की ध्वजा को लेकर पूरे विश्व में लाखों-करोड़ों लोगों को गौरी गोपाल भगवान की भक्ति और अपनी अमृतमयी वाणी से सेवा, संस्कृति और संस्कारों से जोड़कर लोगों का जीवन बदलने वाले श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के आधिकारिक यूट्यूब चैनल में आपका स्वागत है। आपको जानकार खुशी होगी कि यह यूट्यूब चैनल पूरे विश्व में अध्यात्म का सबसे बड़ा यूट्यूब चैनल है जहाँ ठाकुर जी नित्य दिव्य लीलाओं का श्रवणपान कथाओं के माध्यम से कराया जाता है। आइए हम भी इस परिवार का हिस्सा बनकर सनातन धर्म को और उच्च शिखर तक पहुंचाने में पूज्य महाराज जी की मदद करें- पूज्य श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज और गौरी गोपाल आश्रम के तत्वावधान में निरंतर चलने वाली सेवाएं जिनसे जुड़कर आप अपने धन को धर्ममय बनाकर पुन्य की प्राप्ति अवश्य करें- वृद्ध आश्रम पूज्य महाराज जी के पावन सानिध्य में श्री धाम वृंदावन की पावन पवित्र भूमि पर एक ऐसे आश्रम की नींव रखी गई जहां संपूर्ण मातृशक्ति को सम्मान तो मिलेगा ही साथ ही वहां अपनों का प्यार भी पूज्य महाराज श्री जी से मिलेगा और उस आश्रम का नाम रखा गया गौरी गोपाल वृद्धाश्रम .. बदलते समाज की अवधारणा ने एक ऐसा भीषण रूप ले लिया है जहां अपने सगे पुत्र ही अपने माता पिता को दर-दर भटकने के लिए मजबूर कर देते हैं और उन्हें हाथ पकड़ कर घर से बाहर धकेल देते हैं जब यह पीड़ा पूज्य महाराज श्री तक पहुंची तब उन्होंने ऐसा संकल्प लिया कि हम ऐसे अपनों के द्वारा ठुकराए हुए सताए हुए वृद्धजनों की सेवा करेंगे और एक सं

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