SpotifyToMP3
Yeh Kalam Yeh Kagaz Yeh Akshar [This Art, This Paper, This Letter]

Album

Yeh Kalam Yeh Kagaz Yeh Akshar [This Art, This Paper, This Letter]

सोचती हूँ- खुद के तखैयुल से, अपने देश से, अपने देश के लोगों से, और तमाम दुनिया के लोगों से- यानी खुदा की तखलीफ से, मेरी मुहब्बत का गुनाह सचमुच बहुत बड़ा है, बहुत संगीन....यह मुहब्बत- मेरी नज़्मों, कहानियों, उपन्यासों और वक्त-वक्त पर लिखे गए मज़मूनों के अक्षरों में कैसे उतारती रही, इसी का कुछ जायज़ा लेने के नज़रिये से, मेरी कुछ रचनाओं के कुछ अंश इस पुस्तक में दर्ज किए गए हैं....- अमृता प्रीतमPlease note: This audiobook is in Hindi.Read more

Tracks: 51 · 9,729 plays

#Title

You May Also Like